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Showing posts from August, 2019

History of Education System in India

भारत में शिक्षा का इतिहास आरम्भिक समय में लगभग आठवीं शताब्दी ईसा पूर्व से ही भारत में उच्च शिक्षा का सबसे पहला केंद्र तक्षशिला(आधुनिक पकिस्तान में स्थित) माना जाता है, और यह तर्क का विषय है कि क्या इसे मॉडर्न अर्थों में विश्वविद्यालय माना जा सकता है? क्योंकि यहां पर रहने वाले अध्यापक आधिकारिक नहीं हो सकते थे। विशेष कॉलेजों की सदस्यता एवं बाद में नालंदा विश्वविद्यालय के मुकाबले तक्षशिला में उद्देश्य से निर्मित व्याख्यान हॉल और आवासीय क्वार्टरों का अस्तित्व नहीं था। नालंदा विश्वविद्यालय के आधुनिक अर्थों में दुनिया में शिक्षा का सबसे पुराना विश्वविद्यालय-तंत्र था तथा वहाँ पर सभी विषयों को पाली भाषा में पढ़ाया जाता था। इसके बाद बौद्ध मठों एवं कुछ धर्मनिरपेक्ष संस्थाओं का विकास हुआ जिन्होंने बाद में व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया| 500 BCE से 400 CE के बीच के समय में कई शहरी शिक्षा केंद्र तेजी से दिखाई देने लगे। शिक्षा के बहुत से महत्वपूर्ण शहरी केंद्र नालंदा (बिहार) और नागपुर में मनसा थे। इन संस्थानों ने व्यवस्थित रूप से ज्ञान प्रदान किया और कई विदेशी छात्रों को आकर्षित किया जैसे …

WHAT IS ARTICLE 370?

क्या है धारा 370


जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है जम्मू - कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है
जबकी भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5वर्ष का होता है। जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है। जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है। भारत के उच्चतम न्यायलय के आदेश जम्मू - कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं 
भारत की संसद को जम्मू - कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यंत सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है। जम्मू कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी । इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू - कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी और धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागु नहीं है, RTE लागू नहीं है, CAG लागू नहीं होता, भारत का कोई भी कानून लागु नहीं होता। कश्मीर में महिलाओ पर शरियत कानून लागु है। कश्मीर में पंचायत के अधिकार नहीं। कश्मीर में अल्पसंख्यको [ हिन्दू- सिख ] को 16 % आरक्षण नहीं मिलता। धार…

Rebate Eligibility Under Section 80G

Rebate Eligibility Under Section 80G


Part(a): Section 80G of the Indian Income-tax Act 1961 provides deduction of fifty Percent of the quantity of donation paid to a charitable organisation to that a certificate of registration underneath the provisions of the Income-tax Act 1961 (The Act) has been granted to receive donations and issue receipts for the aim of claiming a deduction by the recipient. There are sure organisations like Prime Minister’s National Relief Fund, statesman Memorial Trust, Rajiv Gandhi Foundation, etc., an inventory of that is given in sub-section (2) of Section 80G of the Act. In such cases, deduction to the extent of 100 percent is allowable.

Part(b): Deductions per Section 80D of the Income-tax Act is allowable to the extent of Rs twenty five Thousand to assessee who isn't a old person for the quantity paid to result or detain force an contract on the health of an assessee or his family or any contribution created to Central Government Health theme or alter…

Benefits of Drinking Copper Water

तांबे के बर्तन में  रखा पानी पीने के फायदे
दोस्तों क्या आपको पता है की अगर आप ताम्बे के बर्तन में रखा हुआ पानी पिएंगे तो आपको क्या फायदे मिलेंगे? आपने कई लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि तांबे के बर्तन में रखे गए पानी को पीने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। कुछ लोग तो पानी पीने के लिए तांबे से बने गिलास, लोटे और जग का ही उपयोग करते हैं।

 आज हम आपको बतायेंगे कि आयुर्वेद के अनुसार अगर आप ताम्बे के बर्तन में रखा हुआ पानी पियेंगे तो आपकी सेहत के लिए बहुत ज्यादा फ़ायदेमंद होगा | अगर आपके शरीर में दर्द या सूजन की तकलीफ़ रहती है तो आपको ताम्बे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना चाहिए, इससे आपके शरीर की दर्द, ऐंठन तथा सूजन जैसी समस्याों को ठीक होने में समय नहीं लगेगा | दोस्तों अगर आपको ऑर्थराइट्स की समस्या रहती है, तो ताम्बे का पानी आपके लिए बहुत गुणकारी रहेगा क्योंकि यह एन्टी इन्फ्लैमटरी प्रकृति से भरा होता है| 

ताम्बे के बर्तन में रखा पानी पीने से शरीर में तांबा तत्व की कमी पूरी हो जाती है, तथा इसकी बजह से होने वाले जीवाणुओं का भी अंत हो जाता है | पेट की समस्याएं कब्ज, एसिडिटी तथा गैस तांबे के बर्त…